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News ID #111 · Status: publish
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भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) एक संवैधानिक निकाय है जो संविधान के अनुच्छेद 324, वैधानिक नियमों और स्थापित संस्थागत परंपराओं के सख्त जनादेश के तहत कार्य करता है। आयोग एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक निकाय के रूप में कार्य करता है। लिखित टिप्पणियां, अवलोकन, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जांच-पड़ताल मानक उसकी निरंतर प्रक्रियाएं हैं जो पूर्ण पारदर्शिता, कानूनी अनुपालन और परिचालन कठोरता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं। ईसीआई की सभी कार्रवाइयां आयोग के कानूनों और निर्देशों के अनुसार हैं। आयोग द्वारा जारी किए गए सभी आधिकारिक आदेश, निर्णय और प्रशासनिक निर्देश पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त हैं और मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 के तहत स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं। मसौदा तैयार करने के चरण में आयोग के सदस्यों द्वारा उठाए गए किसी भी परिचालन संबंधी प्रश्न या सुझाव, मतदाता अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से मानक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने के लिए होते हैं। किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान मतभेद और टिप्पणियां होना सामान्य बात है। अंतिम निर्णय लेने से पहले ये निर्णय प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग हैं। न केवल तीनों आयुक्त बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी चुनावी प्रणाली में सुधार के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूर्ण रूप से अधिकृत हैं। दस महीनों की अवधि में फैले कुछ विशिष्ट आंतरिक नोटों/अवलोकनों पर प्रकाश डालना और स्वीकृतियों, निर्णयों, निर्देशों और पहलों के व्यापक समूह को अनदेखा करना, तस्वीर का केवल एक हिस्सा प्रस्तुत करता है। आयोग ने हाल के महीनों में कई निर्णय लिए हैं, निर्देश जारी किए हैं, लगभग 40 नई पहलें शुरू की हैं और देशभर में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर सहित) के संचालन सहित कई चुनावी सुधार किए हैं। ये सभी निर्णय पिछले एक वर्ष में आयोग के सर्वसम्मत निर्णयों के परिणाम हैं। आयोग ने हाल ही में बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख चुनावों का सफलतापूर्वक संचालन किया है और इस अवधि के दौरान चुनाव संबंधी अन्य कार्य भी संपन्न किए हैं। इस कार्य में व्यापक प्रशासनिक और परिचालन तंत्र का उपयोग और आयोग की अनेक स्वीकृतियां एवं निर्देश शामिल थे। आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे कि ईसीआईएनईटी, अनधिकृत छेड़छाड़, हेरफेर आदि को रोकने के लिए सख्त डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत काम करते हैं। आईटी सुरक्षा जांच और ऑडिट नियंत्रण राष्ट्रीय डेटाबेस में लागू किए गए मानक साइबर सुरक्षा उपाय हैं। वैधानिक प्राधिकरण, जिनमें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) शामिल हैं, कानून के तहत पंजीकरण और विलोपन के लिए वैधानिक शक्तियों के अनुसार कार्य करते हैं। भारत निर्वाचन आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हमारे लोकतंत्र को आगे बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करता है। *** पीके/केसी/आरटी/पीसी/एमयू
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