प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज आयुर्वेद दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। परंपरागत चिकित्सा के शाश्वत ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक उपचार पद्धति नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से इस समृद्ध विरासत को अपनाने के अपने संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। इस अवसर पर, श्री मोदी ने आयुर्वेद के समग्र स्वरूप पर बल देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया। आयुर्वेद दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली का एक सशक्त माध्यम है। आइए, अपनी इस समृद्ध विरासत को अपनाने का संकल्प और मजबूत करें।हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्।मानं च तच्च… pic.twitter.com/HyPXYhhvdD— Narendra Modi (@narendramodi) September 23, 2026 प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया; "आयुर्वेद दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली का एक सशक्त माध्यम है। आइए, अपनी इस समृद्ध विरासत को अपनाने का संकल्प और मजबूत करें।" हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्। मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते।।" आयुर्वेद वह विज्ञान है जिसमें यह बताया गया है कि मनुष्य के लिए किस प्रकार की जीवनशैली लाभकारी है और किस प्रकार की हानिकारक, जीवन को सुखी या दुखी क्या बनाता है, स्वस्थ जीवन और रोगग्रस्त जीवन में क्या अंतर है, और दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन के लिए क्या अपनाना चाहिए और क्या नहीं अपनाना चाहिए। इसमें जीवनकाल की प्रकृति और मात्रा पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की जाती है। *** पीके/केसी/आरटी/एके/एमपी