Agriculture and farmer welfare अधिकारी सुनिश्चित करें कि जिला में फसल अवशेष जलाने की न हो कोई घटना :- उपायुक्त सतबीर सिंह फसल अवशेष की निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर गठित समितियां रहे सक्रिय Posted On: 24 Sep 2026 5:02PM रोहतक, 24 सितंबर : उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि जिला में फसलों के अवशेष जलाने की निगरानी के लिए विभिन्न स्तरों पर गठित टीमें सक्रिय रहे। गांव स्तरीय निगरानी टीम फसल अवशेष जलाने की सभी घटनाओं की तुरंत जानकारी देंगी तथा यह टीमें नागरिकों को फसल अवशेषों को न जलाने बारे जागरूक करेंगी।सतबीर सिंह स्थानीय लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंस के उपरांत अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी फसल अवशेष जलाने से रोकने की कार्य योजना एवं वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की हिदायतों के क्रियान्वयन की वीसी के माध्यम से समीक्षा कर रहे थे। स्थानीय स्तर पर उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि जिला में मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर दर्ज मिसमैच डाटा की जांच का कार्य जारी है। गतवर्ष फसल अवशेष जलाने की 53 घटनायें दर्ज हुई थी, जिनमें से केवल 9 घटनाएं सही पायी गई।उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी की जिम्मेवारी तय की गई है कि वे फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की तुरंत जानकारी दें। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जिला में धान की फसल की कटाई के बाद फसल अवशेषों को जलाने की कोई भी घटना न हों। जिला के सभी 147 गांवों में निगरानी टीमें भी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि जिला में धान कटाई करने वाली हार्वेटिंग  मशीनों के लिए एसएमएस लगाना अनिवार्य किया गया है। केवल एसएमएस युक्त हार्वेस्टर ही जिला में धान की कटाई कर सकेंगी।उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों पर गठित टीमें जिला से गुजरने वाले मुख्य राजमार्गों के साथ-साथ गांव स्तर पर भी पराली जलाने की घटनाओं की सख्त निगरानी करेंगी। यह टीमें पराली जलाने की घटना संज्ञान में आते ही तुरंत एफआईआर दर्ज करवायेंगी तथा विभाग द्वारा जुर्माना के साथ-साथ संबंधित किसान के किला नंबर की मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर लाल एंट्री करना सुनिश्चित किया जायेगा। लाल एंट्री होने के उपरांत संबंधित किसान को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही किसी भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा तथा न ही वह किसान मंडी में अपनी फसल की बिक्री कर पायेगा।सतबीर सिंह ने कहा कि विकास एवं पंचायत विभाग तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी ग्राम सचिव एवं पटवारियों को इस संदर्भ में आवश्यक हिदायतें जारी करें। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा गांव स्तर पर जागरूकता शिविर लगाकर किसानों को फसल अवशेष को न जलाकर उनका उचित प्रबंधन करने बारे जागरूक किया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा इस संदर्भ में कार्यालय स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ग्राम स्तर पर गठित निगरानी समितियां अनिवार्य रूप से गांव में पहुंचकर फसल अवशेषों की निगरानी करेंगी। सरकार द्वारा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल को किसानों की मांग पर 27 सितंबर तक खोला गया है। इस पोर्टल पर खरीफ की फसल का किसी कारणवश अभी तक पंजीकरण करवाने से वंचित रहे किसान इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी फसलों का पंजीकरण अवश्य करवाये ताकि उन्हें मंडी में फसल बिक्री में सुविधा हो।बैठक में पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित, सांपला की उपमंडलाधीश अंकिता पुवार, सहायक आयुक्त प्रशिक्षु विशाल सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा,कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक, तहसीलदार रवि व दिनेश कुमार, नायब तहसीलदार विजेंद्र, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दिनेश कुमार एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।   *****   (Release ID: 7193)