धान की कटाई के दौरान फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक करें अधिकारी : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर
Reporter: हरियाणा जनसंपर्क
Agriculture and farmer welfare
धान की कटाई के दौरान फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक करें अधिकारी : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर
-गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ एवं आग लगाने से होने वाले नुकसान की दें जानकारी
-बेलर मशीनों से पराली प्रबंधन के लिए किसानों को करें प्रेरित, धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकरों से भी करवाएं मुनादी
-फसल अवशेष जलाने पर सरकार की हिदायतों के अनुसार होगी कार्रवाई, जुर्माना व एफआईआर सहित अन्य प्रावधान लागू
Posted On:
23 Sep 2026 6:19PM
पलवल, 23 सितंबर। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कृषि एवं संबद्ध विभागों के सभी बीएओ (खंड कृषि अधिकारियों) तथा फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि धान की फसल की कटाई के मद्देनजर गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेष न जलाने के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सभी ध्यान रखें कोई भी एएफएल नहीं आनी चाहिए।उपायुक्त ने निर्देश दिए कि किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से खेत में मौजूद लाभदायक कीट नष्ट होते हैं, मिट्टी की ऊपरी परत प्रभावित होती है तथा मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा कम होती है। इसके अलावा वायु प्रदूषण बढ़ता है और खरपतवारों के प्रभावी नियंत्रण में भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने अधिकारियों को किसानों को बेलर मशीनों सहित विभिन्न वैज्ञानिक एवं वैकल्पिक तरीकों से फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही गांवों के सरपंचों और नंबरदारों से सहयोग लेकर मंदिरों, गुरुद्वारों, चर्चों तथा मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से भी फसल अवशेष न जलाने की मुनादी करवाने को कहा।उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि कोई किसान फसल अवशेष जलाता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सरकार की हिदायतों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, एफआईआर तथा फसल बेचने के संबंध में रेड एंट्री सहित अन्य प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों के उपलब्ध व्हाट्सऐप एवं अन्य समूहों के माध्यम से भी लगातार जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएं। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ से सावधानी, लगन और तत्परता के साथ कार्य करते हुए फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।000
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(Release ID: 7115)