सेवा गांव में जलझूलनी एकादशी का पावन पर्व असीम भक्ति, उत्साह और पारंपरिक गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस शुभ अवसर पर पूरे गांव में उत्सवी और भक्तिमय माहौल देखने को मिला। भगवान की भव्य पालकी बेवाण पूरे गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाली गई। दर्शनों और स्वागत के लिए ग्रामीणों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप और भजनों की सुमधुर धुनों पर झूमते और नृत्य करते नजर आए। गांव की महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी अपने आराध्य की भक्ति में पूरी तरह लीन दिखे। सेवा गांव में जलझूलनी एकादशी का यह भव्य आयोजन पिछले कई दशकों से ग्रामीणों के आपसी सहयोग और जनभागीदारी से लगातार किया जा रहा है। यह आयोजन गांव की सामाजिक एकता, भाईचारे और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन चुका है, जिसमें हर वर्ग के लोग उत्साह के साथ भाग लेते हैं। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता पवन सत्तावन ने बताया कि समस्त ग्रामवासियों को साल भर इस पवित्र दिन का इंतजार रहता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों की गहरी धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ पूरे गांव को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। शोभायात्रा के बाद भगवान की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। इसके बाद प्रसाद वितरण के साथ धार्मिक अनुष्ठान का शांतिपूर्ण और आनंदमय समापन हुआ।